ChotiGolpo एक चुदक्कड़ परिवार की कहानी

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Hindi family sex story:- हेलो दोस्तों! ये कहानी एक चुदक्कड़ परिवार की मस्त कहानी है जो की मेरे एक पाठक ने भेजी है। उम्मीद है! आप पसंद करेंगे और मैं आपके कमेंट की वेट करूंगा। चलिये ज्यादा देर ना करते हुए कहानी पर आता हूँ।

मोहसीन आज 18 साल का हो गया था और वो अपने दोस्तों के साथ जन्मदिन की पार्टी करने जा रहा था। उसके कुछ दोस्त तो अपनी गर्लफ्रेंड को भी पार्टी पर ला रहे थे। जब वो तैयार हो रहा था तो उसकी ज़ैनब बाजी भी पार्टी में जाने की ज़िद करने लगी। ज़ैनब अपने भाई से 3 साल बड़ी थी। मोहसिन जानता था की उसके दोस्त उसकी बाजी को पटाखा कह कर मज़े लेते हैं। ज़ैनब थी ही इतनी सेक्सी। 5 फ़ीट 3 इंच का कद, गोरी इतनी जैसे कोई अँगरेज़ लड़की हो, भूरी आँखें, गोल चेहरा, भरा हुआ जिस्म, गठीली जांघें, उन्नत चूचि, सपाट पेट, नुकीले निप्पल, मस्त होंठ और सब से ज्यादा उसके मस्त मोटे उभरे हुए कूल्हे।

Family group sex story hindi

मोहसिन जब अपनी बाजी को चलते देखता तो उसका दिल बेईमान होने लगता। ज़ैनब के मटकते कूल्हे उसके दिल पर वार करते और वो सिसकी ले कर रह जाता। ज़ैनब घर में तो स्कर्ट्स पहन कर घूमती और बाहर जीन्स पहनती जिस के ऊपर वो टाइट से टाइट बिना कालर वाली टीशर्ट पहनती थी। जब उसकी चूचि ऊपर नीचे होती तो उसका भाई मोहसिन तो एक तरफ, उसका अब्बू सूफियान भी बस देखता ही रह जाता। सूफियान की उम्र 50 के करीब थी, लेकिन उसका लंड बैठने का नाम न लेता और वो अफ़सोस करने लगता की ज़ैनब जैसी मस्त लड़की को चोदना किसी गैर मर्द की किस्मत में है।

वह मन ही मन सोचता – काश मैं अपनी बेटी को चोद सकता!

जब एक बाप अपनी ही बेटी की चूत में लंड पेलने के लिए तरस जाता, तो मोहसिन तो उसका भाई था। मोहसिन 6 फुट का तंदरुस्त मर्द था और उसका 8 इंच का लंड अभी कुंवारा था जो बस अपने ही घर की औरतों को देख मन मार कर रह जाता था। ज़ैनब बिलकुल अपनी माँ की तरह दिखती है। सूफियान अपने आप से कहता था। ज़ैनब की अम्मी समरीन 43 साल की मस्त चुदकड़ औरत है। रिश्ते में सूफियान की चाचा की लड़की थी और निकाह से पहले सूफियान को भाईजान कह कर पुकारती रही थी। सूफियान जानता था की उसके चाचा की लड़की बहुत चालू है और उसके कई दोस्त उसको चोद भी चुके थे। लेकिन उसने अपने चाचा की लड़की से निकाह कर लिया।

family sex story hindi – bahan bhai ki chudai kahani

इसका कारण नंबर एक, समरीन एक बहुत गरम सेक्स बम थी। दूसरा कारण अपने घर का इतना बढ़िया माल किसी और को चोदने के लिए देना पाप था। आखिर चाचा की लड़की पर सब से पहला हक़ सूफियान का था। तीसरा कारण उसका चाचा बहुत अमीर था और समरीन एकलौती लड़की थी। आज भी समरीन एक न संतुष्ट होने वाली सेक्सी औरत थी जिसको हर वक्त लंड चाहिए है। सूफियान और समरीन खुले विचारों वाले हैं और उनमें कोई पर्दा नहीं है। वो कई लोगों के साथ स्वैप भी कर चुके हैं। खैर जब ज़ैनब ने पार्टी पर जाने की ज़िद की तो मोहसिन उसको ना नहीं कह सका। लेकिन उसको ये डर ज़रूर था की बाजी के सामने शराब नहीं पी सकेंगे उसके दोस्त।

मोहसिन – बाजी आप पार्टी में क्या करेंगी? मेरे दोस्त मौज करना चाहते हैं और वो आपके सामने शर्मा जायेंगे! आप मुझे अकेले जाने दो ना!

मोहसिन ने आखिरी तीर मारते हुए कहा।

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ज़ैनब ने शीशे में देखते हुए कहा – मेरे भाई मैं तुम लोगों को खा नहीं जाउंगी। तुम जो चाहे करना। मुझे कोई एतराज़ नहीं है। क्या तुम बीयर पीना चाहते हो? तो पी लेना। कहीं लड़कियां तो नहीं बुला रखी? मैं जानती हूँ तुम जवान हो चुके हो। मज़े करना! आज अपनी बाजी के सामने ही मज़े लूट लेना।

कहते हुए ज़ैनब ने मोहसिन के गले में बाहें डाल दी और उसकी आँखों में देखने लगी। ज़ैनब का उन्नत सीना मोहसिन की छाती से टकराने लगा और मोहसिन की पैंट में तम्बू बन गया। एक मादक सुगंध भाई के नाक में समां गयी। उसका मन था की अपनी बाजी के कूल्हे कस कर थाम ले लेकिन समाज और दुनिया के रिश्तों को याद कर के रुक गया। लेकिन मोहसिन का लंड मान नहीं रहा था। उसने अपने लंड को पकड़ कर मसल दिया ताकी वो बैठ जाये लेकिन लंड था की मान न रहा था।

ज़ैनब – भाई अभी से इतना उत्तेजित होने की ज़रूरत नहीं है पार्टी में अभी वक्त है और मैं तेरी गर्लफ्रेंड नहीं बहन हूँ।

Hindi family sex story

मोहसिन सकपका गया और जल्दी से अपनी बाजी से अलग हो गया। लेकिन एक ही पल में उसके शैतान दिमाग ने अपनी बाजी को नग्न रूप मे अपनी कल्पना में देख लिया। शाम को 6 बजे ज़ैनब ने अपने नौकर रामु के कमरे का डोर नॉक किया। रामु छोटी जात का एक बेहद काला युवक था जिसका बदन बहुत बलिष्ट था। वो ड्राइवर का काम भी करता था। वो एक कमरे में रहता था और माला नौकरानी भी उसके साथ वाले कमरे में रहती थी। रामु कोई 30 साल का हट्टा कट्टा मर्द था और माला कोई 26 साल की गोरी चिट्ठी औरत थी। रामु देखने में बहुत सेक्सी था। ज़ैनब की आदत थी की जब किसी के घर जाती तो पहले तांक झांक करने की कोशिश करती। आज भी उसने पहले दरवाजे के छेद से झाँका।

अंदर रामु सोफे पर लेटा था और माला पूरी नंगी हो कर उसका लंड चूस रही थी। रामु उसके चेहरे पर हलकी हलकी चपत लगा रहा था।

रामू – ओह्ह्ह्हह्ह…।सीता…।वाहह्ह्ह्हह्ह…।यार क्या लंड चूसती हो तुम…।।कहाँ से ट्रेनिंग ली थी लंड चूसने की…।आआह्ह्ह्ह साली…।बस कर …मैं झड़ जाऊंगा…।रुक जा रानी…आज रात बहुत मज़े लूटने हैं हमको…।उनके साथ…।

तभी ज़ैनब ने नॉक किया। रामु झट से उठ गया और माला हड़बड़ा उठी।

रामू – अभी कौन आ गया बहनचोद!!!

ये बोलकर रामू पजामा पहनने लग पड़ा। माला ने भी झट से एक कुरता पहन लिया। रामू ने दरवाजा खोला तो सामने ज़ैनब को पाया। रामु की वासना भरी नज़र अपने मालिक की बेटी के सीने पर गयी।

रामू (मन मे सोचते हुए) ओह भगवान…।।काश ज़ैनब जैसा माल चोदने को मिल जाये!!! ऐसी मक्खन जैसी चूत का भुर्ता बना दूँ!!!

रामू – ओह्ह्ह छोटी मालकिन…आप? क्या बात है?

=>> फातिमा अब्बू से चुद गयी

ज़ैनब ने एक नज़र रामु के लंड पर डाली और बोली – मैंने और मोहसिन ने पार्टी पर जाना है। तुम हमको वहां छोड़ दो! वापिस हमको मोहसिन का कोई दोस्त छोड़ देगा! क्या तुम कुछ कर रहे थे?

रामु बोला – हाँ।।नहीं।।कुछ नहीं कर रहा था…। मैं छोड़ आता हूँ।

ज़ैनब ने माला को देखा तो शरारत से हंस कर बोली कोई बात नहीं…अगर कोई काम कर रहे थे तो पहले वो ख़त्म कर लो।

कहते हुए ज़ैनब हंसती हुई चली गयी। थोड़ी देर में रामु तैयार हो कर ज़ैनब के रूम में पहुँच गया। मोहसिन और ज़ैनब तैयार थे। ज़ैनब ने ब्लैक टाइट जीन्स और रेड टीशर्ट पहनी हुई थी जोकि उसके भारी उभार ढकने में नाकामयाब थी। मोहसिन की ललचाती हुई नज़र बार बार अपनी बाजी के सीने पर चली जाती। दोनों भाई बहन कार की पिछली सीट पर बैठ गए और रामु कार ड्राइव करने लगा।

मोहसिन साहिब जनम दिन की मुबारिक हो!! रामु ने बधाई दी।

शुक्रिया रामु!! मोहसिन ने जवाब दिया।

15 मिनट में वो उस रेस्टोरेंट पहुँच गए। मोहसिन के दोस्त वहां मौजूद थे। विक्की और रोहित अपनी गर्लफ्रेंड के साथ थे जब की अफ़ज़ल अपनी अम्मी के साथ था। थोड़ी देर बातें करने के बाद अफ़ज़ल की अम्मी बोली…

अफ़ज़ल की अम्मी – मोहसिन यार कुछ पीने को हो जाये! ये पार्टी है कुछ बीयर ही हो जाये। विक्की और रोहित की गर्लफ्रेंड आज सभी दोस्तों की गर्लफ्रेंड बन जाएँ। यारी दोस्ती में ये सब तो चलता ही है। ज़ैनब तुम भी जवान हो इन लोगों के साथ मिल कर एन्जॉय करो डांस करो खाओ पीयो!!!

ज़ैनब ने कुछ नहीं कहा! बस मुस्कुरा पड़ी। मोहसिन के दोस्तों की नज़र ज़ैनब के चेहरे से हट नहीं रही थी। बीयर का दौर चला और सभी थोड़ा सा बहकने लगे। विक्की की गर्लफ्रेंड कविता ने मोहसिन का हाथ पकड़ा और डांस करने लगी। मोहसिन डांस तो कविता के साथ कर रहा था लेकिन उसके दिलो दिमाग पर तो ज़ैनब बाजी छायी हुई थी। नशे में उसको कविता भी उसकी बाजी लग रही थी। तभी अफ़ज़ल ने ज़ैनब की कमर में हाथ डाल कर डांस करने की इच्छा ज़ाहिर की तो ज़ैनब ख़ुशी से डांस करने लगी। बेशक अफ़ज़ल भी ज़ैनब को बाजी कहता था लेकिन जब अफ़ज़ल का लंड खड़ा हो कर ज़ैनब के पेट पर चुभने लगा तो ज़ैनब शरारत से मुस्कुरा पड़ी।

ज़ैनब सोच रही थी – ये सब बेशक मुझे बाजी कहते हैं लेकिन दिल से सभी मेरे आशिक हैं और मौका मिलते हो चोद डालेंगे मुझे!!! इनका बस चले तो अफ़ज़ल की अम्मी को भी चोद डालें। और चोदें क्यों ना? अम्मी भी बहुत सेक्सी दिखती है!!!

तभी मोहसिन का सेल बज उठा। फ़ोन पर उसकी अम्मी समरीन थी और पूछ रही थी की कब वापिस आओगे। मोहसिन बोला की रात के 12 बजे लौटेंगे। वापिस जब मोहसिन अपनी सीट पर बैठा तो बीयर पीने लगा। उसने देखा की विक्की उसकी बाजी को भी बीयर पिला रहा था और विक्की की बांहें ज़ैनब की कमर पर थी। अफ़ज़ल की अम्मी मोहसिन को गौर से दख रही थी और फिर अम्मी ने उसके चेहरे पर हाथ फेरते हुए कहा..

अफ़ज़ल की अम्मी – मोहसिन बेटा ज़ैनब तो बहुत जवान हो गयी है। ज़रा उसके कूल्हे तो देखो। मैं शर्त से कह सकती हूँ की यहाँ हर मर्द उसके साथ लिपटने को तरस रहा होगा!

कहते हुए अम्मी का एक हाथ मोहसिन की जांघ पर रेंगने लगा और अम्मी की उँगलियाँ उसके फड़क रहे लंड को स्पर्श करने लगी। मोहसिन की नज़र अम्मी के सीने पर गयी तो उसकी पहाड़ जैसी चूचि को देख कर मस्ती से झूम उठा।

मोहसीन – अम्मी आप मेरे साथ डांस करोगी?

वो शरारत से मुस्कुरायी और मोहसिन के साथ सटकर बोली..

अफ़ज़ल की अम्मी – क्यों मादरचोद अब अम्मी के साथ डांस करोगे? क्योंकी तेरी बाजी तेरे दोस्तों के साथ डांस कर रही है?

=>> ज़ोया चुदी अपने अब्बू से

मोहसिन – अम्मी मादरचोद तो अभी बना नहीं हूँ। जब मुझे ये ख़िताब दे दोगी तो मादरचोद का नाम भी दे देना। अभी तो मैं अम्मी के साथ डांस ही करना चाहता हूँ। सच कहता हूँ आप हैं बहुत सेक्सी। अगर अफ़ज़ल मेरा दोस्त न होता तो मैं न जाने क्या कर देता। आप जैसा जिस्म तो जवान लड़की का भी नहीं है। उफ्फफ्फ्फ़ अम्मी आपका जिस्म!!

मोहसिन ने अम्मी के साथ फ़्लर्ट करते हुए कहा और उसको बाँहों में भर के डांस करने ले गया। मोहसिन डांस करते हुए अम्मी को अँधेरे की तरफ ले गया जहाँ उनको कोई देख नहीं सकता था। उसने अम्मी को ज़ोर जकड रखा था और वो अपना लंड अम्मी की चूत पर रगड़ रहा था। अपने बेटे जैसे लडके के साथ ऐसे लिपट कर उसके लंड को महसूस कर के अम्मी की चूत भीग गयी।

अफजल की अम्मी – ओह्ह्ह्हह बेटे…।अफ़ज़ल दोपहर को 2 से 5 बजे तक ट्यूशन के लिए जाता है और उसके अब्बू दुकान पर होते हैं, घर पर कोई नहीं होता। अगर मेरे पास आओगे तो बता दूँगी की अफ़ज़ल की अम्मी क्या चीज़ है…तुझे बता दूँगी की औरत क्या होती है…।कभी चोदा है किसी को? ओह्ह्ह्ह मादरचोद तेरा तो बहुत बड़ा है!!!

उसने अचानक मोहसिन के लंड पर हाथ रख दिया जो की दहक रहा था।

मोहसिन – ज़रूर आऊँगा अम्मी जान। ऐसा इनविटेशन कब मिलता है मुझ जैसे को?”

मोहसिन ने अम्मी की चूचि को दबा दिया। उधर विक्की ज़ैनब से इश्क लड़ा रहा था। उसने ज़ैनब के गले में बाहें डाल कर डांस करते हुए उसके कान में कहा-

विक्की – ज़ैनब बाजी आपके साथ डांस कर के बहुत मज़ा आ रहा है! आप तो मेरी गर्लफ्रेंड से भी अधिक सेक्सी हैं! मेरी तमन्ना है की मैं आपको और अपनी गर्लफ्रेंड दोनों को एक साथ बिस्तर में ले जाऊँ!! एक तरफ गर्लफ्रेंड और दूसरी तरफ बाजी!! वाह!! काश, ऐसा हो सकता।

तभी रेस्टोरेंट का मैनेजर आया और कहने लगा सॉरी टू डिस्टर्ब यू गाइस बट शहर मे हिन्दू मुस्लिम के दंगे भड़क गए है और कर्फ़्यू लगा दिया गया है इसलिए हम रेस्टोरेन्ट को बंद कर रहे है! आई ऍम सॉरी!!

सभी का नशा उतर गया। अफ़ज़ल ने मोहसिन और ज़ैनब को घर छोडने की ऑफर की। मोहसिन के सभी दोस्त उसी वक्त घर को निकल पड़े। अफ़ज़ल की अम्मी और ज़ैनब नशे में थी। रेस्टोरेंट से बाहर आते ही बारिश शुरू हो गयी।

अफ़ज़ल ने ज़ैनब के कमर पर बाहें डालते हुए कहा बाजी चलो दौड़ कर हम कार ले आते हैं। अम्मी और मोहसिन यहीं वेट करते हैं। मैं नहीं चाहता की अम्मी भीग जाये!

ज़ैनब शरारत से हंस कर बोली – बहनचोद अपनी अम्मी को भिगोना नहीं चाहता लेकिन बाजी को भिगोना चाहता है? ओह्ह्ह्हह अफ़ज़ल भाईजान ये बारिश बहुत मस्त लग रही है। कितना मज़ा आ रहा था। इन मादरचोद को भी अभी लड़ना था। ये ज़िन्दगी प्यार के लिए ही इतनी छोटी है और ये पागल उसको लड़ कर बर्बाद कर रहे हैं।

जब अफ़ज़ल कार चला रहा था तो ज़ैनब उसके साथ बैठी थी और मोहसिन और अम्मी पीछे वाली सीट पर थे। अम्मी भी बहुत उत्तेजित हो चुकी थी और उसका हाथ रह रह कर मोहसिन के लंड को सहला देता। मोहसिन की बार बार सिसकारी निकल जाती। अगर अफ़ज़ल या बाजी कार में न होते तो मोहसिन अपने यार की अम्मी को ज़रूर चोद लेता। तभी अफ़ज़ल ने कार रोक दी। मोहसिन का घर आ चूका था।

अच्छा बाजी गुड नाईट! कहते हुए अफ़ज़ल ने सब के सामने ज़ैनब को होंठों पर किस कर लिया और उसी वक्त अम्मी ने मोहसिन को होंठों पर किस कर लिया।

=>> भैया अब रुको नहीं डाल दो प्लीज

बारिश बहुत तेज़ हो चुकी थी।

लगता है कोई तूफ़ान आने वाला है? ज़ैनब ने बारिश में भीगते हुए कहा!

मोहसिन ने सोचा – मुझे तो लगता है तूफ़ान आ चूका है।

ज़ैनब – मोहसिन हम पिछले डोर से अंदर जाते हैं, हमको अम्मी और अब्बू की नींद ख़राब नहीं करनी चाहिए!!

मोहसिन ने हाँ में सर हिला दिया। घर में मोहसिन का रूम अम्मी और अब्बू के साथ वाला रूम है और दोनों का कॉमन बाथरूम है जिसका दोनों रूम्स की तरफ एक एक डोर है। ज़ैनब का रूम मोहसिन के रूम की बगल में है और उनके रूम्स में भी एक कॉमन बाथरूम है। मोहसिन देख कर हैरान हुआ की अभी तक अब्बू के रूम में लाइट जल रही थी। ज़ैनब के कपड़े बुरी तरह भीग चुके थे और उसकी बड़ी बड़ी चूचि साफ झलक रही थी। मोहसिन नशे में भूल गया की वो उसकी सगी बहन है। उसका दिल कर रहा था की अपनी बाजी की चूचि को कस कर भींच डाले और घसीट कर बिस्तर में ले जाये। लेकिन फिर अपने ख्यालों से शर्मिंदा हो कर बोला–

मोहसिन – बाजी गुड नाईट!! सुबह मिलते हैं!! अगर किसी चीज़ की ज़रूरत हो तो मुझे बुला लेना।

ज़ैनब मुस्कुराती हुई अपने रूम में चली गयी। ज़ैनब अपने रूम में जा कर अपने बाल सुखाने के लिए टॉवल ढूंढ़ने लगी क्यों की बाथरूम में टॉवल नहीं था। जब टॉवल न मिला तो वो उसी वक्त अपने भाई के बाथरूम से टॉवल लेने चली गयी। उधर मोहसिन भी अपने कपडे चेंज करने बाथरूम में गया और उसने डोर खुला ही छोड़ दिया। अम्मी के रूम की तरफ वाला बाथरूम का डोर आधा खुला था। अम्मी के रूम से हंसने की आवाज़ें आ रही थी। मोहसिन हैरान हो गया की इस वक्त अम्मी के रूम में अब्बू के अलावा कौन है? कमरे में डबल बेड खाली था। शायद अब्बू और अम्मी ड्राइंग रूम में थे। तभी कमरे में रामु दाखिल हुआ। मोहसिन ये देख कर चौंक गया की उनका नौकर पूरी तरह से नंगा था।

=>> पापा ने खोली बबीता की कुंवारी चूत

रामु का काळा रंग का कसरती बदन बहुत सेक्सी लग रहा था। उसके पीछे पीछे समरीन दाखिल हुई। समरीन यानि मोहसिन की अम्मी भी नौकर की तरह नंगी थी। समरीन अधेड़ उम्र की बेहद गोरी औरत थी। उसकी चूचि का साइज 36 डी होगा और उसकी गांड कुछ भरी थी और निप्पल ब्लैक थे। मोहसिन का मुख खुला का खुला रह गया जब उसने अपनी अम्मी को नग्न अवस्था में अपने ही नौकर के साथ देखा। इसका मतलब माजरा कुछ और ही है!! हमारा नौकर मेरी अम्मी को चोदता है! अम्मी कितनी सेक्सी है!!! अम्मी की चूत पर छोटे छोटे बाल थे और उसका गोरा बदन बहुत सेक्सी था। अपनी अम्मी को देख कर भी मोहसिन का लंड खड़ा हो गया। समरीन अब रामु के लंड को पकड़ कर हिलाने लगी।

अम्मी – कितना दमदार है ये जानवर!!! इसको इसके बिल में घुसना चाहिए!!! अब सूफियान और माला भी आ जाएँ तो खेल शुरू करें।

रामु ने समरीन की चूचि पकड़ कर दबाना शुरू कर दिया और बोला।।

रामू – समरीन मेरी जान मैं तो तेरे जिस्म का आशिक़ हूँ। तुम मुझे अपनी माँ की याद दिला देती हो और मैं तुझे चोदने के लिए तड़प जाता हूँ।

तभी सूफियान माला को बाँहों में उठा कर आये और उन्होंने माला को बिस्तर पर लिटा दिया। मोहसिन को एक और झटका लगा क्यों की सूफियान और माला भी नंगे थे। सूफियान का लंड रामु के लंड से कुछ छोटा था लेकिन काफी मोटा था। लगता था की सभी ने शराब पी रखी थी। जब सूफियान ने रामु को समरीन की चूचि मसलते हुए देखा तो मुस्कुरा पड़ा।

सूफियान – रामु आज के खेल में मेरे हिस्से में माला है और मेरी सेक्सी बीवी आज की रात तेरी है! खूब मज़े करेंगे दोनों के साथ! जब तक बच्चे वापिस आएंगे हम एक सेशन लगा चुके होंगे। जब वो सो जायेंगे तो दूसरा सेशन शुरू करेंगे। माला की चूत तो कई बार पानी छोड़ चुकी है और मेरी बीवी भी चुदने को तैयार है! ठीक से चोदना अपनी समरीन को! साली मस्त हो कर चुदवाएगी अगर अपने हल्लावी लंड से चोदोगे इस रांड को।

=>> छोटी बहन दीया की चुदाई का प्लान

मैं तो पहले माला की चूत चाटूँगा! रामु ये बात सच है की दूसरे की बीवी ज़यादा मस्त लगती है” सूफियान ने कहा..

तो माला ने अपनी जांघों को फैलाते हुए कहा” सूफियान मेरे अब्बू तो देर किस बात की? आज की रात मैं तेरी बेटी और तू मेरा चोदू बाप और रामु अपनी समरीन का चोद बेटा जो अपनी अम्मी को चोदेगा साला मादरचोद! और मेरा बाप अपनी बीवी को उसके अपने नौकर से चुदवाएगा।

समरीन ने भी रामु को किस करते हुए कहा इन बाप बेटी ने हम दोनों के लिए भी माँ बेटे का रोल तै कर रखा है। तो आज की रात रामु मुझे यानी अपनी अम्मी को चोदेगा और माला रंडी बन के अपने अब्बू सूफियान से चुदवाएगी। क्यों ठीक है?

मोहसिन कंफ्यूज हो कर अपने माँ बाप के रूम का नज़ारा देख रहा था लेकिन उसका लंड बैठ नहीं रहा था। तभी उसने अपने कंधे पर किसी का हाथ महसूस किया। पलट कर देखा तो ज़ैनब बाजी खड़ी थी!!!

ज़ैनब – मोहसिन…टॉवल है……ऊऊह्ह्ह्ह …ये क्या…हाय अल्लाह…अम्मी…अब्बू…रामु…… मोहसिन तुम ये देख रहे हो? तुझे शर्म नहीं आती…छी…ये क्या सभी नंगे…है!! अल्लाह…रामु का कितना बड़ा है!!

लेकिन उसके भाई ने उत्तेजना में आ कर अपनी बहन का मुहं बंद कर दिया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। मोहसिन के हाथ अपनी बाजी के मम्मों पर कस गए और वो उनको मसलने लगा।

मोहसिन – बाजी अब मुझे अपने पर काबू नहीं है…।अंदर देखो…।अम्मी और रामु…अब्बू और माला…।।मुझे अपनी बाजी चाहिए आज की रात…।मेरे दिल में तूफ़ान मचा है बाजी…।मेरा साथ दोगी न बाजी?

ज़ैनब भी अब मोहसिन से चिपकने लगी क्यों की उसके तन बदन में भी वासना की आग दहक उठी थी। ज़ैनब अभी तक चुदी तो नहीं थी लेकिन उसकी दोस्ती कई मर्दों के साथ थी। वो अक्सर उसकी चूचि मसलते थे और किस करते थे और यहाँ तक की चूत पर हाथ फेर देते थे। किसी ठीक जगह के न होने के कारण वो अभी तक अनचुदी थी। लेकिन आज पार्टी में बीयर पी कर उसकी वासना का कोई अंत न रहा था। और फिर साथ वाले कमरे में उसकी अम्मी अपने नौकर के साथ और अब्बू अपनी नौकरानी के साथ खुले आम चुदाई होती देख कर ज़ैनब ने फैसला कर लिया कि अपना कुंवारापन आज की रात खत्म कर देगी।

=>> साली की कुँवारी चूत का भोसड़ा बनाया

ओह्ह्ह्ह अल्लाह मेरा बाप अपने से आधी उम्र की औरत के साथ चुदाई कर रहा है और एक ही बिस्तर में मेरी अम्मी उस छोटी जात वाले रामु का लंड चूस रही है!!! या अल्लाह क्या मुझे लंड की ज़रूरत नहीं है? मैं इस आग में दहक रही चूत का क्या करूँ? काश रामु का लंड मुझे मिलता!!! लेकिन आज मैं बिना चुदवाए न रहूंगी। मेरे खुदा अगर मुझे अपने भाई मोहसिन से भी चुदना पड़े तो चुद जाउंगी!!!!” ज़ैनब सोच रही थी और सिसकती हुई अपनी चूत को मसल रही थी।

उधर मोहसिन अपने बाजी की चूचि को ज़ोर जोर से मसल रहा था।

मोहसिन – बोलो बाजी क्या आज की रात आप मेरी बनोगी? अगर आप ने ना कर दी तो मैं मर जाऊंगा। अब्बू माला को, रामु अम्मी को चोद रहे है मेरा क्या कसूर है बाजी?

ज़ैनब ने हाथ नीचे कर के अपने भाई का लंड पकड़ लिया और तड़पती आवाज़ में बोली।।

ज़ैनब – मेरे भाई मैं जानती हूँ की ये गुनाह है लेकिन जिस्म पाप पुण्य नहीं देखता। हमारी अम्मी साली उस नौकर का लंड चूस रही है और हमारे अब्बू जान सब देख रहे है और नौकरानी की चूत चूस रहे है ये क्या पाप नहीं है। अगर अल्लाह ये सब देख रहा है तो हमारा मिलन क्यों नहीं हो सकता? मोहसिन मेरे भाई तुम अपनी माँ को नौकर से चुदवाते देखना पसंद करोगे या अपनी ज़ैनब बाजी के साथ ये सब करना चाहोगे? मेरा बदन हवस की आग में जल रहा है! मैं चाहती हूँ की तुम मुझे उसी तरह चोद डालो जिस तरह साला रामु हमारी अम्मी को चोदता है। चल इस दरवाजे को बंद कर और मुझे अपने बिस्तर में ले चल मेरे भाई।

खुले शब्दों में मिला इनविटेशन मोहसिन के लिए खुदा का वरदान था। उसने ज़ैनब के सर को पकड़ कर उसके भीगे हुए बाल खोल दिए और एक हाथ उसकी जांघों के बीच फुदकती हुई चूत पर रख दिया और बोला…

मोहसिन – बाजी मैं तो सोच रहा था की आप अपने भाई पर तरस ही नहीं करेंगी। आज की रात हम भाई बहन के लिए यादगार रात होगी क्योंकी आज की रात मेरे लिए और आपके लिए सुहागरात से कम न होगी। मेरा लंड आपका और आपकी चूत मेरी होगी। हमारे माँ बाप की चुदाई तो हम कभी भी देख लेंगे लेकिन हमारी चुदाई का वक्त गुज़रा जा रहा है।

=>> माँ को रगड़ रगड़ के चोदा

इसके साथ ही मोहसिन ने ज़ैनब को उठा लिया और बिस्तर पर लिटा दिया। मोहसिन अपने कपडे उतारने लगा और एक मिनट में वो पूरी तरह नंगा हो गया। वो नहीं चाहता था की उसकी बाजी अपना मन बदले। काली काली झांटों में से उसका लंड आसमान की तरफ सर उठा कर खड़ा था। जब उसने बिस्तर पर देखा तो हैरान रह गया। उसकी बाजी ने भी अपनी जीन्स उतार दी थी और अपने टीशर्ट उतार रही थी। ज़ैनब बाजी अब केवल सफ़ेद पैंटी और ब्रा में थी और बहुत कामुक लग रही थी। मोहसिन का लंड बेकाबू हो गया जब उसने अपने बाजी की आँखों में लाल डोरे देखे। ज़ैनब ने टाँगें चौड़ी कर रखी थी और उसकी चूत का हिस्सा भीग चूका था। ज़ैनब के घुंगराले बाल पानी की बूंदों से चमक रहे थे और उसको अपनी बाजी एक मस्त रांड जैसी लग रही थी जो अपने हाथ से अपनी चूत मसल रही थी।

मोहसिन को लगा की उसकी बाजी उसको अपनी चूत के लिए निमंत्रित कर रही है। मोहसिन एक पागल शेर की तरह बिस्तर की तरफ बढ़ा और जाते ही अपनी बाजी के होंठों को चूमते हुए उसकी पैंटी को नीचे सरकाने लगा और ज़ैनब अपने भाई से लिपटने लगी और उसके लंड को पकड़ कर आगे पीछे करने लगी।

ज़ैनब – मममममममम…।भाई तेरा तो बहुत बड़ा है……इसको मेरी चूत में घुसा दो……बहुत तड़प रही है!!!

मोहसिन चाहता था पहले अपनी बाजी को नंगा करे चूमे, काटे, सहलाये और लंड को चुस्वाए। वो उसकी चूचि को ज़ोर से मसल रहा था और उसके चूतड़ पर हाथ फेर रहा था।

मोहसिन – बाजी मेरा लंड नहीं चुसोगी?

ज़ैनब – चूस देती हूँ भाई!! मुझे भी तो इस लंड का स्वाद चखना है!! अगर अम्मी रामु का काला लंड चूस सकती है तो मैं तेरा सुंदर लंड क्यों न चूसूं?

कहते ही उसने लंड मुँह में डाल लिया। मोहसिन तो जन्नत में पहुँच गया। उसने लंड आगे पीछे कर के अपनी बहन का मुख चोदन शुरू कर दिया।

ममममममम…आआआ…उउउउम्मम्मम्मम्म भाई मुझे बहुत मज़ेदार लग रहा है आपका लंड!! तुम मेरे साथ 69 बना लो और मेरी चूत चाट लो और मुझे ये स्वादिष्ट लंड चूसने दो। ज़ैनब लंड मुँह से बाहर निकालकर बोली।

मोहसिन ने अपनी बाजी की पैंटी नीचे सरका डाली और बिना बाल वाली चूत पर हाथ फेरा।।

ज़ैनब – ओह्ह्ह्ह!! मोहसिन…चाटो इसको…ये पिघल रही है!!

और मोहसिन बाजी के ऊपर चढ़ कर उसकी चूत चाटने लगा और वो नीचे से उसका लंड चाटने लगी। ज़ैनब का गरम चूत-रस उसके मुहं में टपक रहा था। मोहसिन ने बाजी के नरम चूतड़ पकड़ कर चूत चाटना जारी रखा जब की ज़ैनब उसके लंड और कभी उसके अंडकोष चाट रही थी। मोहसिन का लंड उसकी बाजी के थूक से भीग चूका था। फिर वो रुका और बोला।।

मोहसिन – अब मुझे चुदाई शुरू कर देनी चाहिए!! ऐसा न हो की लंड महाराज आपके मुँह में ही उलटी कर डालें!! मेरा लंड तो बस आपकी चूत की गहरायी में उतर जाना चाहता है!! ज़ैनब भी अब चुदासी हो चुकी थी और लंड का इंतज़ार नहीं कर सकती थी। मोहसिन ने उसे पीठ के बल लिटा दिया और उसकी टांगों को फैला दिया। ज़ैनब की उभरी हुई चूचि ऊपर नीचे हो रही थी। मोहसिन अपनी बाजी के ऊपर झुका और अपने खड़े लंड का सुपाड़ा ज़ैनब की चूत के मुहाने पर टिकाते हुए बोला..

मोहसिन – बाजी क्या धकेल दूँ? अपनी बाजी की चूत को देख कर रहा नहीं जा रहा!!

=>> दारू के नशे मे मामी की चूत फाड़ी

ज़ैनब बोली – बहनचोद देर क्यों कर रहे हो? मेरी चूत जल रही है और तुझे मज़ाक सूझ रहा है? क्या मैं तुझ से चुदाई के लिए विनती करूँ? अगर ऐसा है तो प्लीज चोद डालो मुझे मेरे भाई पेल डालो अपना लंड अपनी बाजी की चूत में। अब और मत तड़पाओ मोहसिन मेरे भाई।

ज़ैनब की इस मस्ती भरी आवाज़ को सुन कर मोहसिन ने अपना सुपाड़ा बाजी की गरम चूत में धकेल दिया। ज़ैनब की चूत किसी आग की भट्टी की तरह दहक रही थी। भाई का लंड बहन की चूत में उतरता चला गया। ज़ैनब के मुख से एक कामुक सिसकारी निकल गयी…

ज़ैनब – ओह्ह्ह भाई मर गयी मैं…!! तेरा लंड मज़ेदार है…हाय मर गयी…चोदते जाओ……!! पेलो मेरी चूत…अपनी बहन की आग बुझा दो बहनचोद…! पूरा घुसेड़ दो अपना लंड!!!!

मोहसिन भी जोश में आ कर ज़ोरदार थाप मरने लगा और पूरा लंड अपनी बाजी की चूत में पेलने लगा। पहले तो ज़ैनब को पीड़ा हुई लेकिन चिकनाई की वजह से लंड ने रास्ता आसानी से बना लिया और वो अपने चूतड़ उठा कर भाई के धक्कों का जवाब देने लगी। वो मोहसिन से लिपट रही थी और उसने अपनी टांगें अपने भाई की गांड पर लपेट रखी थी। मोहसिन लगातार धक्के मार रहा था और ज़ैनब उसको उत्साहित कर रही थी।

ज़ैनब – ओहह आह बहनचोद चोद मुझे भाई…।चोदो भाई।।मुझ रंडी को चोदो!! बहुत आग लगी है मेरी चूत के अंदर!!

मोहसिन का लंड उसकी बच्चेदानी पर ठोकर मार रहा था। मोहसिन अब उसकी चूचि को भींचने लगा और पूरी रफ़्तार से चोदने लगा।

ज़ैनब के मुंह से आवाज़ें आ रही थी – ओहह आह हाँ भाई आह…येस येस येस येस!!!

मोहसिन – बाजी आज तो पूरी रात फुद्दी मरूंगा तुम्हारी…रामु अम्मी को चोद रहा है अब्बू माला को और मैं तुझे चोद रहा हूँ…अपनी बाजी को चोद रहा हूँ!!!

ज़ैनब – भाई आआह्ह…!!चोद लो मुझे…!!अपनी बाजी की चूत में पेल डालो अपना लंड…! आह मोहसिन मेरे भाई…मुझे भी अम्मी की तरह चोद डालो! मेरी चूत अब तेरी चीज़ है। जी भर के चोद…ऊईइ अम्मी… बहनचोद गांड मत छेड़!!

ज़ैनब चीख पड़ी जब मोहसिन ने एक ऊँगली अपनी बाजी की गांड में धकेल दी। कुछ देर बाद मोहसिन ने अपनी बाजी की दोनों टांगों को अपने कंधे पर रख कर लंड को अपनी पोजीशन मे ले कर एक धक्का लगाया और पूरा लंड चूत में घुसा दिया। ज़ैनब बस आआआआ हहहहह करके रह गयी। ज़ैनब ने आखें बंद कर ली और चुदाई का मज़ा लेने लगी। मोहसिन ने उसकी चूचियों को पकड़कर बहुत तेज़ी से अपनी बाजी को चोदना शुरू कर दिया!

Ohhhhhhhhhhhh……। आआआ ऊईऊऊऊऊओ उम्मम्मम्मम्म” ज़ैनब न जाने किस किस किस्म की आवाज़ें निकालने लगी और नीचे से चूतड़ उछाल उछाल कर चुदवाने लगी।

=>> चाची को पटक पटक कर चोदा

मोहसिन ने धीरे से अपनी एक ऊँगली उसकी गांड मे घुसा दी।

नाआआआ………मादरचोद …मोहसिन…।मत कर गांड मे उंगली……ऊई अम्मी मर गयी आआआ ऊईऊऊऊऊओ उम्मम्मम्मम्म बहनचोद मार मेरी फुद्दी दबाके फाड़ डाल आज इसको!!! बेचारी ज़ैनब सिसकने क्योंकी अब उसकी दोहरी चुदाई हो रही थी। लंड पूरा अंदर घुसा हुआ था उसकी चूत के अंदर और गांड को उसके भाई की ऊँगली चोद रही थी।

दोनों भाई बहन की सांसे बहुत तेज़ चल रही थी। कुछ देर के बाद मोहसिन का लंड छूटने के किनारे पर था और ज़ैनब की चूत भी पानी छोडने को थी। ज़ैनब का जिस्म अकड़ गया और दोनों ने तूफानी चुदाई करनी शुरू कर दी।

मोहसिन – अह्ह्ह्हह्हह बाजी……मैं गया…लंड झरा…ऊऊऊह्ह्हह्ह बाजी…मैं झड़ रहा हूँ…आपकी चूत में जन्नत है…आह बाजी मुझे कभी छोड़ मत देना…मैं आपके बिना नहीं रह सकता…आपकी फुद्दी में जन्नत है!!!!

मोहसिन बड़बड़ा रहा था और उसके लंड से पिचकारी ज़ैनब की चूत मे छुट रही थी. उधर ज़ैनब भी चर्म सीमा पर थी और उसकी गांड मशीन की तरह उछल रही थी।

ज़ैनब – ऊऊऊऊ …मोहसिन…मेरे भाई…फाड़ दे मेरी चूत…ऊऊह्ह्हह्ह अम्मी…चुद गयी मैं आज…और जोर से भाई…और जोर से…मेरे भाई!!!!

और फिर उसकी चूत ने भी पानी छोड़ दिया और दोनों भाई बहन आराम से एक दूसरे से लिपट कर लेटे रहे।

मोहसिन – बाजी अब तक तो हमने पहली बार चुदाई की है, इसके बाद हम वैसे चोदेंगे जैसे अम्मी और अब्बू, रामु और माला के साथ कर रहे है। मुझे उम्मीद है की रामु ने अम्मी को खूब मज़े से चोदा होगा और अब्बू ने माला को मस्त कर दिया होगा।

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